अंग्रेजों को कांपा देने वाले बिरसा मुंडा की अमर कहानी

भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि

बिरसा मुंडा : एक क्रांतिकारी जिन्होंने अंग्रेजों को चुनौती दी

बिरसा मुंडा : जीवन परिचय

बिरसा मुंडा : – 

  • जन्म: 15 नवंबर 1875, झारखंड

  • मृत्यु: 9 जून 1900 (केवल 25 वर्ष की आयु में)

  • उपनाम: “धरती आबा” (पृथ्वी का पिता)

प्रमुख योगदान

✔ उलगुलान आंदोलन (1899-1900):

  • अंग्रेजों और जमींदारों के खिलाफ आदिवासियों का विद्रोह

  • “मुंडा राज” की स्थापना का सपना

https://chhattisgarhnewstv24.in/?p=4956

✔ सामाजिक सुधार:

  • सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष

  • आदिवासी संस्कृति व अधिकारों की रक्षा

✔ धार्मिक पुनर्जागरण:

  • “बिरसाइत” धर्म का प्रचार

  • हिंदू व ईसाई मिशनरियों के प्रभाव का विरोध

https://globaltrendlines.com/ice-storm-la-why-are-protesters-furious/

मृत्यु एवं विरासत

  • अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर जेल में यातनाएं दीं

  • 9 जून 1900 को रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु

  • आज भी झारखंड, बिहार, उड़ीसा में पूजे जाते हैं

125वीं पुण्यतिथि समारोह

???? मुख्य आयोजन स्थल: रांची, झारखंड
???? कार्यक्रम:

  • श्रद्धांजलि सभा

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम

  • आदिवासी अधिकारों पर संगोष्ठी

ICE Storm LA – Why Are Protesters Furious?

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