Bhilai News – भिलाई मैत्रीबाग में बड़ा हादसा! अचानक नहीं रही व्हाइट टाइगर ‘जया’
Bhilai News – भिलाई के मशहूर मैत्रीबाग चिड़ियाघर में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। चिड़ियाघर की शान और पर्यटकों की पसंदीदा दुर्लभ व्हाइट टाइगर ‘जया’ की अचानक मौत हो गई। 11 वर्षीय जया की मौत से मैत्रीबाग प्रशासन, स्टाफ और वाइल्डलाइफ प्रेमियों में गहरा शोक है।
कैसे हुई मौत?
मैत्रीबाग के महाप्रबंधक डॉ. एन.के. जैन के अनुसार जया पूरी तरह स्वस्थ थी और पहले कभी बीमारी के लक्षण नहीं दिखे थे। उन्होंने बताया कि जया ने अचानक एक जंप मारी, जिससे उसकी आंतें घूम गईं और उसकी सांस में गंभीर बाधा आई। यह एक अत्यंत दुर्लभ स्थिति है जो कभी–कभार ही बड़े बिल्ली प्रजाति में देखने को मिलती है।
पशु चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन जया को बचाया नहीं जा सका।
रायपुर जंगल सफारी से लाई गई थी जया
जया को कुछ वर्ष पहले रायपुर के जंगल सफारी से मैत्रीबाग लाया गया था। अपनी आकर्षक बनावट और सक्रिय व्यवहार के कारण वह बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों का खास आकर्षण थी। उसकी असमय मृत्यु ने चिड़ियाघर के व्हाइट टाइगर समूह को बड़ा झटका दिया है।
जया के जाने के बाद मैत्रीबाग में अब केवल 6 व्हाइट टाइगर बचे हैं।
पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार
वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में जया का पोस्टमार्टम किया गया और शाम को चिड़ियाघर परिसर में ही अंतिम संस्कार किया गया। स्टाफ और देखभाल करने वालों के लिए यह बेहद भावुक क्षण था, क्योंकि जया सबकी चहेती थी।
अन्य बाघों पर विशेष निगरानी
प्रबंधन ने अब अन्य बाघों के स्वास्थ्य, गतिविधियों और नियमित जांच को लेकर विशेष सतर्कता बढ़ा दी है।
वाइल्डलाइफ़ प्रेमी और मैत्रीबाग आने वाले पर्यटक जया की कमी लंबे समय तक महसूस करेंगे।
Author: kamlesh verma
कमलेश वर्मा एक डिजिटल पत्रकार हैं, जो राष्ट्रीय, राज्य, टेक्नोलॉजी, मौसम और सरकारी योजनाओं से जुड़ी तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाते हैं। इनके द्वारा लिखे गए लेख आधिकारिक स्रोतों, सरकारी घोषणाओं और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए जाते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी मिल सके।







