Sihor News Today : कुबरेश्वर धाम में भिखारियों से ठगी, नकली नोट देकर हजारों की चिल्लर ले उड़ा ठग
मंदिर परिसर में आस्था की भीड़, ठग ने उठाया फायदा
Sihor News Today सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। मंदिर परिसर में भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले गरीब वृद्धों और दिव्यांगों को शातिर ठग ने निशाना बनाया। आरोपी ने 200-200 रुपये के नकली नोट देकर उनसे हजारों रुपये की चिल्लर ले ली और मौके से फरार हो गया। यह मामला मंडी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
Sihor News Today: 200 के नकली नोट थमाकर गरीबों को बनाया निशाना
जानकारी के अनुसार, सोमवार देर शाम मंदिर परिसर में 3 से 4 अज्ञात लोग पहुंचे। इनमें से काला कोट पहने एक व्यक्ति ने भिखारियों से बातचीत शुरू की और खुद को श्रद्धालु बताया। उसने कहा कि उसकी पत्नी कुबरेश्वर धाम में चढ़ावा चढ़ाना चाहती है, जिसके लिए उसे सिक्कों और छोटे नोटों की जरूरत है।
इसी बहाने आरोपी ने भिखारियों को 200 रुपये के नकली नोट थमाए और बदले में उनसे 8 से 10 हजार रुपये की चिल्लर ले ली। काम निकलते ही वह व्यक्ति तेजी से वहां से चला गया।
दुकान पर खुला फर्जी नोटों का राज
कुछ समय बाद जब पीड़ित भिखारियों ने दिए गए नोटों से खरीदारी करने की कोशिश की, तब सच्चाई सामने आई। एक पीड़ित ने बताया कि जब वह नाश्ता लेने दुकान पहुंचा और 200 रुपये का नोट दिया, तो दुकानदार ने तुरंत नोट को नकली बता दिया। इसके बाद पीड़ितों को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो चुकी है।
गरीबी और डर ने छीना न्याय
पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने उनकी मजबूरी और गरीबी का फायदा उठाया। आर्थिक तंगी, असहाय स्थिति और डर के कारण उन्होंने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसी वजह से आरोपी बेखौफ होकर फरार हो गया।
श्रद्धालुओं की भीड़ बनी ठग की ढाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुबरेश्वर धाम में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व आसानी से वारदात को अंजाम दे देते हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस के लिए चेतावनी
यह घटना मंदिर परिसर में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गरीबों और जरूरतमंदों की सुरक्षा के लिए मंदिर क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







