सिंध नदी जलस्तर बढ़ा, 7300 क्यूसेक पानी; बड़ा अलर्ट

सिंध नदी जलस्तर बढ़ने पर मोहनी पिकअप वियर से पानी छोड़ा गया

सिंध नदी में बढ़ा जलस्तर, 7300 क्यूसेक पानी छोड़ा; अलर्ट

सिंध नदी जलस्तर बढ़ने के बाद भितरवार क्षेत्र में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मोहनी पिकअप वियर का जलस्तर बढ़ने पर जल संसाधन विभाग ने जलद्वार खोलकर करीब 7300 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड की दर से सिंध नदी में छोड़ा है। पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में निकासी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।

सिंध नदी जलस्तर बढ़ने से क्यों बढ़ी चिंता?

तेज बारिश और मणिखेड़ा डेम की पावर जनरेटिंग क्षेत्र से लगातार पानी की आवक के कारण मोहनी पिकअप वियर का जलस्तर बढ़ गया। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने नदी में पानी का प्रवाह बढ़ाने के लिए जलद्वार खोल दिए।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरुवार 3 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे चेतावनी जारी होने के बाद भी पानी की आवक बनी हुई थी। इसके बाद मोहनी पिकअप वियर से पानी की निकासी की गई।

मोहनी पिकअप वियर से 206.74 क्यूमेक यानी करीब 7300 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।

सिंध नदी जलस्तर और बढ़ सकता है

प्रशासन के अनुसार, यदि पानी की आवक आगे भी बढ़ती है तो नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। इसी वजह से नदी किनारे रहने वाले लोगों और आमजन को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

सिंध नदी जलस्तर से किन इलाकों में असर की आशंका?

मोहनी पिकअप वियर से छोड़े गए पानी का प्रभाव आसपास के कई क्षेत्रों में पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार साबोली, धमधौली, सीहोर, निहाबारा, सुड, पनघटा, मगरोनी और पुलाहा सहित आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी बताई गई है।

भितरवार क्षेत्र के बसई, लुहारी, धूमेश्वर, रायचौरा, पवाया, बीजापुर, अजीतपुरा और भैंसनाई सहित अन्य गांवों के लोगों को भी सावधान रहने की सलाह दी गई है।

 

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धूमेश्वर धाम के पास बढ़ सकता है पानी

सबसे ज्यादा चिंता धूमेश्वर धाम के समीप सिंध नदी को लेकर बताई गई है। मोहनी पिकअप वियर से छोड़ा गया पानी सिंध नदी में पहुंचने के बाद यहां नदी में उफान आने की आशंका जताई गई है।

इसी कारण श्रद्धालुओं और आम लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

सिंध नदी जलस्तर बढ़ने पर मोहनी पिकअप वियर से पानी छोड़ा गया
सिंध नदी जलस्तर बढ़ने के बाद मोहनी पिकअप वियर से पानी छोड़ा गया।

सिंध नदी जलस्तर को लेकर प्रशासन का अलर्ट

जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं।

नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और पानी की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

ग्वालियर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भितरवार क्षेत्र और जल संसाधन विभाग से संबंधित प्रशासनिक जानकारी उपलब्ध है।

सिंध नदी जलस्तर: खबर की 5 बड़ी बातें

  • मोहनी पिकअप वियर का जलस्तर बढ़ा।
  • करीब 7300 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया।
  • पानी की आवक बढ़ने पर निकासी और बढ़ सकती है।
  • धूमेश्वर धाम के पास नदी में उफान की आशंका बताई गई है।
  • प्रशासन ने नदी किनारे जाने से लोगों को सावधान किया है।

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आगे क्या होगा?

फिलहाल पानी की आवक और नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। यदि पानी की आवक बढ़ती है तो मोहनी पिकअप वियर से पानी की निकासी भी बढ़ाई जा सकती है।

ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रशासन ने लोगों से नदी के नजदीक नहीं जाने की अपील की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सिंध नदी जलस्तर क्यों बढ़ा है?

तेज बारिश और मणिखेड़ा डेम की पावर जनरेटिंग क्षेत्र से पानी की लगातार बढ़ती आवक के कारण मोहनी पिकअप वियर का जलस्तर बढ़ने की जानकारी दी गई है।

मोहनी पिकअप वियर से कितना पानी छोड़ा गया?

मोहनी पिकअप वियर से करीब 7300 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।

क्या सिंध नदी जलस्तर और बढ़ सकता है?

पानी की आवक बढ़ने की स्थिति में नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।

किन इलाकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है?

भितरवार क्षेत्र के बसई, लुहारी, धूमेश्वर, रायचौरा, पवाया, बीजापुर, अजीतपुरा और भैंसनाई सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

क्या नदी किनारे जाना सुरक्षित है?

प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आम लोगों और श्रद्धालुओं से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है।

kamlesh verma
Author: kamlesh verma

कमलेश वर्मा एक डिजिटल पत्रकार हैं, जो राष्ट्रीय, राज्य, टेक्नोलॉजी, मौसम और सरकारी योजनाओं से जुड़ी तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाते हैं। इनके द्वारा लिखे गए लेख आधिकारिक स्रोतों, सरकारी घोषणाओं और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए जाते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी मिल सके।

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