एक ही मंच पर स्थापित हुए 12 ज्योतिर्लिंग, श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब
राजा परपोड़ी।
छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर स्थित राजा परपोड़ी इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां संगीतमय द्वादश ज्योतिर्लिंग श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव के दौरान एक ही मंच पर 12 ज्योतिर्लिंगों की भव्य स्थापना की गई है, जो अपने आप में एक दुर्लभ और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन माना जा रहा है।
यह दिव्य आयोजन प्रसिद्ध कथा वाचक पं. श्री कृष्णधर दीवान जी महाराज के पावन श्रीमुख से संपन्न हो रहा है। शिव भक्ति, वेद मंत्रों और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा है।
23 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चल रहा है महोत्सव
पोस्टर के अनुसार यह श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव
📅 दिनांक 23 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक
📍 स्थान – दुर्गा मंच, बाजार चौक, राजा परपोड़ी
में आयोजित किया जा रहा है।
कथा का समय प्रतिदिन
🕐 दोपहर 01 बजे से हरि इच्छा तक निर्धारित किया गया है।
एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों की स्थापना बनी विशेष आकर्षण
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि देश के 12 प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों — सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकाल, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ सहित अन्य ज्योतिर्लिंगों का सांकेतिक और विधिवत स्वरूप एक ही मंच पर स्थापित किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एक साथ सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से अखिल पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण यहां दूर-दराज़ से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
पं. कृष्णधर दीवान जी महाराज का प्रेरक संदेश
कथा वाचक पं. श्री कृष्णधर दीवान जी महाराज ने शिव महापुराण की कथा के माध्यम से शिव तत्व, ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य और मानव जीवन में शिव भक्ति के महत्व को सरल भाषा में समझाया।
महाराज श्री ने कहा—
“भगवान शिव केवल देव नहीं, चेतना हैं। 12 ज्योतिर्लिंग शिव के 12 स्वरूप हैं, जिनके दर्शन से जीवन में धर्म, कर्म और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।”
प्रतिदिन भजन, आरती और रात्रिकालीन कार्यक्रम
कथा के साथ-साथ प्रतिदिन
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भव्य आरती,
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सेवाभोग (प्रसादी)
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एवं रात्रिकालीन धार्मिक कार्यक्रम
भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
आयोजकों और क्षेत्रवासियों में उत्साह
इस धार्मिक आयोजन का आयोजन समस्त नगरवासी एवं क्षेत्रवासी राजा परपोड़ी द्वारा किया गया है। आयोजन समिति के अनुसार, इस महोत्सव से क्षेत्र में धार्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि 12 ज्योतिर्लिंगों की स्थापना से राजा परपोड़ी एक प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल के रूप में पहचान बनाएगा।
निष्कर्ष
राजा परपोड़ी में आयोजित संगीतमय द्वादश ज्योतिर्लिंग श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। पं. कृष्णधर दीवान जी महाराज के सान्निध्य में हो रहा यह आयोजन आने वाले समय में भी ऐतिहासिक धार्मिक आयोजनों में गिना जाएगा।







