छत्तीसगढ़: 5वीं से 8वीं तक ‘नो फेल पॉलिसी’ लागू, जानें पूरी डिटेल्स
रायपुर, 15 जुलाई 2024 – छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में 5वीं से 8वीं कक्षा तक के छात्रों को फेल न करने की नई नीति लागू की है। यह फैसला शिक्षा मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने घोषित किया, जिसका उद्देश्य छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाना और ड्रॉपआउट दर कम करना है।
—
????छत्तीसगढ़: नई नीति के मुख्य बिंदु:
1. किन कक्षाओं पर लागू?
– केवल 5वीं से 8वीं कक्षा तक (पहले से 1ली से 4थी तक यह नीति लागू थी)।
– 9वीं और 10वीं में अभी भी पास/फेल सिस्टम जारी रहेगा।
2. क्या सभी छात्र अगली कक्षा में प्रमोट होंगे?
– हाँ, लेकिन कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं (रेमेडियल क्लासेस) चलाई जाएंगी।
– शिक्षकों को ऐसे छात्रों पर विशेष ध्यान देना होगा।
3. परीक्षाएं होंगी या नहीं?
– सेमेस्टर सिस्टम जारी रहेगा (साल में 2 बार परीक्षा)।
– ग्रेडिंग सिस्टम के आधार पर प्रगति रिपोर्ट दी जाएगी।
4. क्यों लागू की गई यह नीति?
– ड्रॉपआउट दर कम करना (विशेषकर ग्रामीण इलाकों में)।
– मनोवैज्ञानिक दबाव कम करना (फेल होने के डर से छात्र स्कूल छोड़ देते थे)।
– NEP 2020 के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को अपग्रेड करना।
—
???? नीति के फायदे और चुनौतियाँ:
| फायदे | चुनौतियाँ |
|———–|————–|
| ✅ ड्रॉपआउट दर घटेगी | ❌ क्या छात्र पढ़ाई में लापरवाह होंगे? |
| ✅ छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा | ❌ शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव (रेमेडियल क्लासेस)|
| ✅ रट्टा मारने की प्रवृत्ति घटेगी | ❌ अभिभावकों की प्रतिक्रिया मिश्रित |
—
???????? शिक्षकों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया:
– शिक्षक संघ: “यह नीति अच्छी है, लेकिन अतिरिक्त संसाधन चाहिए।”
– अभिभावक: “कुछ का मानना है कि बच्चे पढ़ाई में ढिलाई बरतेंगे।”
– छात्र: “अब हम एग्जाम के डर के बिना पढ़ सकते हैं!”
—
???? क्या अन्य राज्यों में भी है ऐसी नीति?
– केरल और दिल्ली में पहले से लागू।
– महाराष्ट्र ने भी हाल में ऐसा प्रस्ताव रखा है।
—
???? अहम जानकारी:
???? शिकायत हेल्पलाइन: 14417 (छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग)
???? ऑफिशियल नोटिफिकेशन: [www.cgschool.in](https://www.cgschool.in)
—
छत्तीसगढ़_शिक्षा_नीति NoFailPolicyCG BhupeshBaghel CGSchoolNews EducationReform
✍️ इस खबर को शेयर करें और अपनी राय कमेंट में लिखें!
Author: kamlesh verma
कमलेश वर्मा एक डिजिटल पत्रकार हैं, जो राष्ट्रीय, राज्य, टेक्नोलॉजी, मौसम और सरकारी योजनाओं से जुड़ी तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाते हैं। इनके द्वारा लिखे गए लेख आधिकारिक स्रोतों, सरकारी घोषणाओं और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए जाते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी मिल सके।







