Chhattisgarh: जेलों में 285 मौतें और रोपवे हादसे पर NHRC सख्त, 15 दिन में मांगा जवाब
NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान, सरकार को नोटिस
रायपुर से जुड़े दो गंभीर मामलों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने जेलों में कैदियों की मौत और महासमुंद जिले में हुए रोपवे हादसे को लेकर मुख्य सचिव और डीजी जेल से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
जेलों में 285 कैदियों की मौत पर चिंता
चार वर्षों के आंकड़ों ने बढ़ाई गंभीरता
NHRC ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में पिछले चार वर्षों में हुई 285 कैदियों की मौत पर गहरी चिंता जताई है।
हालांकि विधानसभा में सरकार ने इन मौतों का कारण पुरानी बीमारी और आत्महत्या बताया था, लेकिन आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

स्वास्थ्य सुविधाओं और संसाधनों पर उठे सवाल
जेल व्यवस्था की स्थिति पर रिपोर्ट तलब
आयोग ने अपनी नोटिस में जेलों की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें शामिल हैं:
- क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या
- डॉक्टरों के खाली पद
- स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता
आयोग ने निर्देश दिए हैं कि कैदियों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
महासमुंद रोपवे हादसे पर भी सख्त रुख
दो की मौत, 15 घायल
महासमुंद जिले में हुए रोपवे हादसे में दो लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए थे।
इस मामले में भी NHRC ने मुख्य सचिव और पुलिस अधीक्षक (SP) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मुआवजा और इलाज की जानकारी मांगी
जवाबदेही तय करने के निर्देश
आयोग ने राज्य प्रशासन से यह जानकारी मांगी है कि:
- घायलों को क्या उपचार दिया गया
- मृतकों के परिजनों को कितना मुआवजा मिला
- सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं
- दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में जेलों की स्थिति और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े इन दोनों मामलों पर NHRC का सख्त रुख यह दिखाता है कि मानवाधिकारों को लेकर कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब सभी की नजरें राज्य सरकार के जवाब और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।







