इंदौर में फॉरेक्स ट्रेडिंग और शेयर बाजार में निवेश से भारी मुनाफे का झांसा देकर एक प्रॉपर्टी ब्रोकर से 7.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित के मुताबिक ऑनलाइन विज्ञापन के बाद उसे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया और अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई गई। राजेंद्र नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर में फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी
इंदौर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए कम समय में लाखों रुपये कमाने का लालच देकर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में एक 43 वर्षीय प्रॉपर्टी ब्रोकर से कथित तौर पर 7 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए गए।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर राजेंद्र नगर पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन मोबाइल नंबरों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और बैंक लेनदेन की जानकारी जुटा रही है, जिनके जरिए रकम ली गई।
प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री का काम करता है पीड़ित
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता की पहचान स्वामी दयानंद नगर निवासी 43 वर्षीय फिरोज पुत्र शकील खान के रूप में हुई है। वह प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का काम करता है।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसके बाद उसने विज्ञापन में बताए गए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा एप इंस्टॉल किया। कुछ समय बाद उसके व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आया और एक लिंक के जरिए उसे एक ग्रुप में जोड़ दिया गया।
व्हाट्सऐप ग्रुप में निवेश का दिया गया झांसा
शिकायत के मुताबिक व्हाट्सऐप ग्रुप में शेयर बाजार और निवेश से जुड़ी जानकारी साझा की जाती थी। ग्रुप में निवेश के जरिए बड़ी रकम कमाने का भरोसा दिलाया गया।
पीड़ित को कथित तौर पर अमेरिका के बाजार में निवेश करने और अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। इसी दौरान उसे एक कथित ब्रोकरेज कंपनी से संबंधित सर्टिफिकेट भी भेजा गया।
इसके बाद निवेश के नाम पर उससे अलग-अलग किस्तों में पैसे जमा कराए गए।
अलग-अलग किस्तों में जमा कराए 7.50 लाख रुपये
फिरोज के अनुसार उसने आरोपियों के बताए तरीके से अलग-अलग समय पर कुल 7.50 लाख रुपये जमा किए। शुरुआत में उसे निवेश और मुनाफे से संबंधित जानकारी दी जाती रही, जिससे उसे भरोसा बना रहा।
लेकिन जब उसने अपनी रकम वापस लेने या निवेश से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की, तो कथित तौर पर आरोपियों से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद संबंधित मोबाइल नंबर बंद बताए जा रहे हैं।
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एडमिन और असिस्टेंट मैनेजर से होती थी बात
शिकायत में बताया गया है कि पीड़ित की बातचीत व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े लोगों से होती थी। इनमें एडमिन के तौर पर जयकुमार और असिस्टेंट मैनेजर के रूप में आरती सिंह से बातचीत होने की बात सामने आई है।
हालांकि, इन लोगों की भूमिका और पहचान के संबंध में पुलिस जांच जारी है। इसलिए आरोपों की पूरी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच जारी
मामले की शिकायत मिलने के बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े आरोपों में FIR दर्ज की है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
जांच में ऑनलाइन विज्ञापन, एप, व्हाट्सऐप ग्रुप, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और पैसे के लेनदेन की जानकारी अहम हो सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन खातों में पहुंची और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी या उनके खिलाफ अन्य कार्रवाई को लेकर अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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ऑनलाइन ट्रेडिंग में ऐसे रहें सावधान
इस घटना से ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर सावधानी की जरूरत सामने आती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- सोशल मीडिया या ऑनलाइन विज्ञापन देखकर तुरंत निवेश न करें।
- किसी अनजान व्हाट्सऐप ग्रुप में बताए गए निवेश पर भरोसा न करें।
- निवेश करने से पहले कंपनी और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की वैधता जांचें।
- कोई व्यक्ति निश्चित या बहुत अधिक मुनाफे का भरोसा दे तो सतर्क रहें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में रकम ट्रांसफर न करें।
- संदिग्ध लिंक से एप डाउनलोड करने से बचें।
- ठगी होने पर तुरंत बैंक और साइबर अपराध शिकायत व्यवस्था से संपर्क करें।
आगे क्या होगा?
राजेंद्र नगर पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस कथित साइबर ठगी में कितने लोग शामिल हैं और रकम किस नेटवर्क के जरिए ट्रांसफर हुई। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
पीड़ित द्वारा बताई गई जानकारी और दर्ज FIR के आधार पर मामला फिलहाल जांच के चरण में है। आरोपियों की भूमिका अदालत में साबित होना बाकी है।
FAQ
1. इंदौर में कितने रुपये की साइबर ठगी हुई?
शिकायत के अनुसार प्रॉपर्टी ब्रोकर से कुल 7.50 लाख रुपये की रकम ठगी गई।
2. ठगी किस नाम पर की गई?
शिकायत के मुताबिक शेयर बाजार और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया।
3. पीड़ित को आरोपियों ने कैसे संपर्क किया?
पीड़ित के अनुसार ऑनलाइन ट्रेडिंग विज्ञापन देखने के बाद एप इंस्टॉल किया गया और बाद में व्हाट्सऐप मैसेज व लिंक के जरिए उसे एक ग्रुप में जोड़ा गया।
4. क्या पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है?
हां, शिकायत के आधार पर राजेंद्र नगर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।
5. क्या आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामले की जांच जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
Author: kamlesh verma
कमलेश वर्मा एक डिजिटल पत्रकार हैं, जो राष्ट्रीय, राज्य, टेक्नोलॉजी, मौसम और सरकारी योजनाओं से जुड़ी तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाते हैं। इनके द्वारा लिखे गए लेख आधिकारिक स्रोतों, सरकारी घोषणाओं और विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए जाते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी मिल सके।






